सरकारले उक्त आवमा थप ९४२ मेगावाट विद्युत् उत्पादन गरी कुल जडित क्षमता ४ हजार ८०० मेगावाट पुर्याउने लक्ष्य लिएको थियो। तर, लक्ष्यको करिब ५९ प्रतिशत अर्थात् ५६१ मेगावाट मात्र विद्युत् राष्ट्रिय प्रसारण लाइनमा जोडिएको छ।
नेपाल विद्युत् प्राधिकरणका अनुसार, गत आर्थिक वर्षमा विभिन्न २५ वटा आयोजनाहरूको निर्माण सम्पन्न भई उत्पादन सुरु भएको छ। यससँगै राष्ट्रिय प्रणालीको कुल जडित क्षमता करिब ४,३०० मेगावाट पुगेको छ। उत्पादन सुरु भएका आयोजनाहरूमध्ये २३ वटा जलविद्युत् र दुईवटा सौर्य (सोलार) परियोजना रहेका छन्।
किन पुरा भएन लक्ष्य ?
विद्युत् उत्पादनको लक्ष्य भेट्न नसक्नुमा मुख्यतया प्राकृतिक र व्यवस्थापकीय कठिनाइहरू देखिएका छन्। मनसुनको समयमा आएको विनाशकारी बाढी र पहिरोले निर्माणाधीन आयोजनाहरूमा ठुलो क्षति पुर्याउनुका साथै काममा अवरोध सिर्जना गरेको थियो।
त्यस्तै, समयमै सिमेन्ट, डण्डी लगायतका आवश्यक निर्माण सामग्री उपलब्ध हुन नसक्दा कामको गति सुस्त भयो। सडक सञ्जालमा आएको क्षति र ढुवानीमा देखिएका समस्याका कारण भारी उपकरणहरू कार्यस्थलसम्म पुर्याउन ढिलाइ भएको थियो।
उत्पादन सुरु गरेका २५ आयोजनाहरूको सूचीः
गत आर्थिक वर्षमा साना-ठुला गरी २५ आयोजनाले विद्युत् उत्पादन सुरु गरेका छन्। जसमा सबैभन्दा ठुलो आयोजना १०२ मेगावाटको मध्य भोटेकोशी रहेको छ।
| १ |
सागु खोला-१ |
५.५ |
२०८२.०४.०८ |
| २ |
माथिल्लो तादी |
११ |
२०८२.०४.१२ |
| ३ |
राहुघाट मंगले |
३५.५ |
२०८२.०४.२० |
| ४ |
लोअर सोलु |
८२ |
२०८२.०४.२४ |
| ५ |
काबेली-३ |
२१.९३ |
२०८२.०५.०८ |
| ६ |
ठुलो खोला |
२१.३ |
२०८२.०५.०९ |
| ७ |
बुकु कपाती |
५ |
२०८२.०५.१४ |
| ८ |
माथिल्लो पिलुवा खोला-३ |
४.९५ |
२०८२.०६.०४ |
| ९ |
मध्य भोटेकोशी |
१०२ |
२०८२.०६.२० |
| १० |
सागु खोला |
२० |
२०८२.०६.२५ |
| ११ |
माथिल्लो राहुघाट |
४८.५ |
२०८२.०७.०७ |
| १२ |
माथिल्लो गडिगाड |
१.५५ |
२०८२.०७.०९ |
| १३ |
दरम खोला |
९.६ |
२०८२.०७.२३ |
| १४ |
खोरुङ्गा खोला |
४.८ |
२०८२.०९.०१ |
| १५ |
मदमे खोला |
२४ |
२०८२.०९.१२ |
| १६ |
दुहबी सोलार प्रोजेक्ट |
८ |
२०८२.१०.२८ |
| १७ |
माथिल्लो ठुलो खोला-ए |
२२.५ |
२०८२.१२.१६ |
| १८ |
बुकु खोला |
६ |
२०८२.१२.१८ |
| १९ |
तल्लो इर्खुवा |
१३.०४ |
२०८२.१२.२७ |
| २० |
सिद्धि खोला एचईपी |
१० |
२०८३.०१.२४ |
| २१ |
मेवा खोला |
५० |
२०८३.०२.२८ |
| २२ |
सोलार पीभी प्रोजेक्ट, ढल्केबर |
५ |
२०८३.०२.३० |
| २३ |
हिदी खोला |
६.८२ |
२०८३.०३.१२ |
| २४ |
लाङटाङ खोला |
२० |
(परीक्षण प्रसारण) |
| २५ |
सेती खोला |
२२ |
(परीक्षण प्रसारण) |
यसरी लक्ष्य पूरा नभए तापनि निजी र सरकारी क्षेत्रबाट भएका यी प्रयासहरूले मुलुकको ऊर्जा क्षेत्रमा ठुलो योगदान पुर्याएका छन्। आगामी वर्षहरूमा प्रसारण लाइन र अन्य पूर्वाधारमा ध्यान दिन सके विद्युत् निर्यात र आन्तरिक खपत दुवैमा वृद्धि हुने अपेक्षा गरिएको छ।